उगते सूरज को अर्घ्य समर्पित कर किया छठव्रतियों ने पारण

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Publish Date: | Sun, 22 Nov 2020 04:00 AM (IST)

ग्वालियर (जेड ए टीवी प्रतिनिधि)। उगते हुए सूरज को अर्घ्य समर्पित कर शनिवार सुबह छठ पर्व संपन्ना किया गया। सूर्य की उपासना के इस चार दिवसीय पर्व के अंतिम दिन शहर के कटोराताल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिन्होंने छोटे कुंड में सूर्य को अर्घ्य समर्पित कर श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही छठव्रतियों ने अपने 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण किया। साथ ही छठव्रतियों द्वारा पारण कर ठेकुआ का प्रसाद बांटा गया।

तिरहुत जनकल्याण परिषद के महासचिव बच्चन बिहारी ने बताया कि शहर के करीब एक दर्जन स्थानों पर निर्मित अस्थाई घाटों सहित सावरकर सरोवर कटोराताल पर आयोजित कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। तड़के तीन बजे से ही छठव्रतियों का आना शुरू हो गया। छठव्रतियों ने कटोराताल के छोटे कुंड में भरे जल में भगवान सूर्य का जलावर्तन किया। सुबह 6ः54 बजे जैसे ही सूर्यदेव अवतरित हुए व्रतियों ने अर्घ्य दान प्रारंभ कर दिया। सभी छठव्रतियों ने हाथों में अरवा चावल का चंदन और रोली लगाकर छठ मइया का आह्वान करते हुए उनके भाई सूर्यदेव को अर्घ्य प्रदान कर अनुष्ठान पूरा किया। पूजा स्थल पर जैसे ही सूर्यदेव प्रकट हुए महिला छठव्रतियों ने पूर्ण श्रद्धाभाव से भजन, गीत गाना व एक-दूसरे को सिंदूर का टीका लगाना शुरू कर दिया। इस अवसर पर छठव्रतियों और श्रद्धालुओं ने छठ माता की कथा सुनी। भोजपुरी समाज समिति के संभागीय अध्यक्ष एमएस अंसारी भी पूजा स्थल पर मौजूद रहे, जिन्होंने व्यवस्था को संभालने में पूरा सहयोग प्रदान किया।

लोगों ने घरों में भी की पूजा-अर्चना

हर साल छठ पर्व पर लोगों की खासी भीड़ ग्वालियर के कटोराताल पर पहुंचती थी, लेकिन इस साल कोरोना के कारण कटोराताल समेत अन्य अस्थाई कुंडों पर लोगों की भीड़ बहुत कम देखने को मिली। सिर पर पूजा की डलिया व मुंह पर मास्क लगाकर आते हुए सभी श्रद्घालु दिखाई दे रहे थे। गन्नो, फल आदि भी वे कम मात्रा में लेकर सामूहिक पूजा स्थलों पर पहुंचे। कोरोना से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने घर में किसी जलपात्र में सूर्य को समर्पित करते हुए अर्घ्य दिया।

Posted By: ZATV NEWS Network

 



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