ओडिसी नृत्य से की मां नर्मदा की आराधना

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Publish Date: | Sun, 22 Nov 2020 12:50 AM (IST)

विश्वरंग के दूसरे दिन हुए कई सत्र, बिंदु जुनेजा ने दी श्री नर्मदाष्टकम की प्रस्तुति

भोपाल(नवदुनिया रिपोर्टर)। टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव विश्वरंग का दूसरा दिन डॉ. बिंदु जुनेजा के ओडिसी नृत्य के साथ शुरू हुआ। नर्मदा परिक्रमा नाम के इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी मां नर्मदा की आराधना हुई। श्री नर्मदाष्टकम नृत्य की प्रस्तुति से बिंदु जुनेजा ने सभी का मन मोह लिया। ‘कोविड के बाद की दुनिया’ कार्यक्रम का संचालन विश्वरंग के सहनिदेशक सिद्घार्थ चतुर्वेदी ने किया। एसएस मंथा (पूर्व अध्यक्ष एआइसीटीई) नवीन मित्तल (कमिश्नर कॉलेज एवं तकनीकी शिक्षा, तेलंगाना) अंतरप्रीत सिंह (डायरेक्टर, डिजिटल लर्निंग, आइएसबी) इस चर्चा में शामिल हुए। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, कला और संस्कृति पर कोरोना का क्या प्रभाव रहा है और इससे हम कैसे बच सकते हैं। इन विषयों पर कार्यक्रम में चर्चा हुई। डॉ. मंथा ने कहा कि शिक्षा पर कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है। डॉ. मंथा ने बताया कि क्लासरूम स्टडी बंद होने के बाद ऑनलाइन एजुकेशन का महत्व बढ़ा है पर शिक्षकों को ऑनलाइन एजुकेशन की ट्रेनिंग न होने के कारण लगातार परेशानी हो रही है।

चित्रकार अशोक भौमिक ने मानवतावादी चित्रकला और टैगोर पर अपने विचार रखे। विश्व कविता सत्र में कई जाने-माने साहित्यकारों ने रवींद्रनाथ टैगोर और अन्य प्रसिद्घ कवियों की कविताओं के अनुवाद का पाठ किया।

विदेशों में विश्वरंग

विश्वरंग यूएसए में भारतीय संस्कृति की गहरी छाप देखने को मिली। इसके उपरांत हेक्टर ग्रासिया, फ्रांसेस मिरालेस और डॉ. पल्लवी चतुर्वेदी ने विदेश में प्रकाशित हो रही हिंदी पत्रिकाओं पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान जवाहर कर्णावत की फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विश्वरंग सिंगापुर में फिल्म के बाद कविता की शाम का आयोजन हुआ। इस सत्र में अनुपमा सिंह ने प्रसिद्घ गीतकार मनोज मुंतशिर से बात की। अमीर खुसरो की यात्रा दास्तानगोई पर दिल्ली घराना की शानदार नाट्य प्रस्तुति के साथ विश्वरंग का दूसरा दिन समाप्त हुआ।

प्रथम बाल साहित्य, कला और संगीत महोत्सव आज से

पैरेंटिंग यूट्यूब चैनल गेट-सेट-पैरेंट विद पल्लवी द्वारा विश्वरंग के अंतर्गत पहला बाल साहित्य, कला और संगीत महोत्सव का आयोजन 22 से 29 नवंबर के बीच होने जा रहा है। इस बाल महोत्सव के अंतर्गत स्कूली बच्चों को भागीदारी करने का मौका दिया गया है। आरंभ बाल लेखकों के संवाद कार्यक्रम से होगा, जिसके अंतर्गत प्रथम सत्र में बाल लेखक रस्किन बांड संवाद सत्र में भागीदारी करेंगे। साथ ही रोहिणी नीलकेणी भी एक सत्र में शामिल होंगी। इस आयोजन के अंतिम दिन के सत्र में प्रसिद्घ मायथोलॉजिकल फिक्शन लेखक आनंद नीलकंठन दर्शकों से रूबरू होंगे।

Posted By: ZATV NEWS Network

 



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