समाज में जहां अच्छे काम हो रहे वो नए तीर्थ : गोविंदाचार्य

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Publish Date: | Sat, 06 Mar 2021 12:26 AM (IST)

आलीराजपुर (जेड ए टीवी प्रतिनिधि)। समाज में जहां अच्छे काम हो रहे हैं, वो नए तीर्थ हैं। जो लोग अच्छे काम कर रहे हैं, वो नए देवी-देवता। अपनी यात्रा के दौरान मैं ऐसे तीर्थों के दर्शन का लाभ ले रहा हूं।

यह बात विचारक व पर्यावरणविद् केएन गोविंदाचार्य ने यहां पंचेश्वर मंदिर प्रांगण में जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। नर्मदा यात्रा सह अध्ययन प्रवास पर निकले गोविंदाचार्य व दल का नगर में गुरुवार देर शाम आगमन हुआ। नगरवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पश्चात प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा उपरांत उद्बोधन हुआ। गोविंदाचार्य ने कहा कि यात्रा में शामिल कुछ साथी सामाजिक, आर्थिक बदलाव का अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि मेरा ध्यान धार्मिक-आध्यात्मिक पक्ष की ओर अधिक है। मार्ग में जहां भी अवसर मिल रहा है, संतों के दर्शन कर रहा हूं, उनसे कुछ समझने का प्रयास कर रहा हूं।

भारत की भूमि केवल भूखंड नहीं, इसका कण-कण पवित्र

गोविंदाचार्य ने कहा, भारत की भूमि केवल भूखंड नहीं है। यह साक्षात जगदंबा, जगद्जननी है। इसका कण-कण पवित्र है। विश्व के गुरुत्व का स्वभाव इसकी जन्मजात नियति है। यहां केवल भव्यता नहीं, दिव्यता भी है। यूरोप में आल्पस पर्वत को देखो तो भव्यता नजर आती है। पर हिमालय में दिव्यता है। यहां की नदियां-पहाड़ सभी के अपने संदेश हैं। इनका केवल भौगोलिक अस्तित्वभर नहीं है। उन्होंने कहा, देवरहा बाबा ने एक शिष्य से कहा था कि गौ उदास तो भारत उदास। गौ प्रसन्ना तो भारत प्रसन्न॥ गौ पुष्ट तो भारत पुष्ट। स्वामी रामकृष्ण परमहंस कहा करते थे कि ब्रज की रज, जगन्नाथपुरी का भात और गंगा का जल सभी जीवंत देव हैं। उन्होंने कहा, हमारे देश का एक चलन है। जो जितना भोगता है, वह उतना छोटा। जो जितना त्यागे वह उतना बड़ा। यह हमारी परंपरा है। इस अवसर पर नगर की विविध संस्थाओं ने गोविंदाचार्य का अभिनंदन किया। असाड़ा राजपूत समाज, माहेश्वरी समाज, ब्राह्मण समाज, पोरवाल समाज, किराना व्यापारी संघ, राठौर समाज द्वारा स्वागत किया गया। संचालन संजय गुप्ता ने किया। आभार अशोक ओझा ने व्यक्त किया।

Posted By: ZATV NEWS Network

 

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