Coronavirus Indore News : इंदौर होम आइसोलेट मरीजों को ठीक करने में मध्य प्रदेश में अव्वल

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Updated: | Fri, 07 Aug 2020 04:59 AM (IST)

Coronavirus Indore News : इंदौर (जेड ए टीवी प्रतिनिधि)। अस्पताल में भर्ती किए बगैर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ठीक करने के मामले में भी इंदौर प्रदेश में सबसे आगे है। अब तक 600 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट कर के ठीक किया जा चुका है। मोबाइल एप के जरिए इनकी सतत निगरानी की गई। दिन में दो बार डॉक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इनकी जांच भी की। नतीजा यह रहा कि ये मरीज कोरोना से जंग जीतकर रोजमर्रा की जिंदगी में लौट चुके हैं।

संभवत: इंदौर देश का पहला शहर है जहां शासन स्तर पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट करने की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में करीब 400 पॉजिटिव मरीज हैं जिनका इलाज उनके घर पर ही चल रहा है। 311 एप ने किया संभव यह सबकुछ संभव हुआ है मोबाइल एप्लीकेशन 311 के जरिए।

होम आइसोलेशन टीम के चीफ को-ऑर्डिनेटर डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि 8 मई से शुरू हुआ होम आइसोलेशन का सिलसिला सतत जारी है। अब तक एक हजार से ज्यादा मरीज होम आइसोलेटे किए जा चुके हैं। इनमें से 600 से ज्यादा कोरोना मुक्त हो चुके हैं। औसतन हर रोज 20 मरीज होम आइसोलेटेड किए जा रहे हैं। डॉ.जैन के मुताबिक इंदौर देश का पहला शहर है जहां शासन स्तर पर इस तरह की व्यवस्था की गई है।

इंदौर के अलावा प्रदेश के किसी शहर में फिलहाल यह व्यवस्था नहीं है। प्रदेश के बाहर निजी क्षेत्र के कुछ चिकित्सा संस्थान जरूर इस तरह की सुविधा मरीजों को दे रहे हैं, लेकिन इसके बदले मरीजों को मोटी रकम चुकानी होती है। जबकि इंदौर में यह पूरी तरह से निशुल्क है। डॉ.जैन ने बताया कि अब तक आइसोलेटे किए गए मरीजों में से सिर्फ 27 को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है।

यह होती है प्रक्रिया

  • पॉजिटिव मरीज को होम आइसोलेट करने से पहले रैपीड रिस्पांस टीम उसके घर का निरीक्षण करती है।
  • टीम देखती है कि मरीज को अलग रखने के लिए घर में अटैच लेटबाथ वाला कमरा हो।
  • एक अटेंडर हो जो मरीज पर सतत 24 घंटे निगरानी रख सके।
  • होम आइसोलेट मरीज को एक पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्‍ध करवाया जाता है।
  • अटेंडर के मोबाइल पर एप्लीकेशन 311 अपलोड कर दिया जाता है।
  • अटेंडर को हर चार घंटे में मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन, पल्स रेट, हार्ट रेट, तापमान की जानकारी कंट्रोल रूम में बैठी टीम को एप्लीकेशन के माध्यम से देनी होती है।
  • टीम किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मरीज के घर पहुंचकर उसके अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करती है।
  • मरीज के लिए दवाओं की एक कीट उसके घर पर ही उपलब्‍ध करवा दी जाती है।
  • इसमें एलौपैथी दवाइयों की एक किट और आयुर्वेदिक की एक किट होती है।

यह है होम आइसोलेशन का फायदा

मरीज को घर पर पर्याप्त और समूचित इलाज मिलता है। घर के वातावरण में मरीज का रिकवरी रेट बढ़ जाता है। घर का बना पौष्टिक खाना खाता है। स्वजन के आस-पास होने से मरीज का आत्मबल बढ़ता है और वह अवसाद में नहीं आता।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

Ram Mandir Bhumi Pujan

 



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